Saturday, February 28, 2009

कहने को Accountant हूँ, Noida ke ek Print Media ke कार्यालय में पदस्थापित। स्कूल में भाषाओं की परीक्षा में ज्यादा अच्छा करने से ये भ्रम पैदा हो गया कि मैं अच्छा लिख भी सकता हूँ और ब्लोग के कीड़े ने 2007 में मुझे काट खाया। कोई खास लेखन नहीं, कोई खास सफलता भी नहीं। हिन्दी अथवा अंग्रेजी से ज्यादा मैथिली लेखन में रूचि और http://www.vidyapati.org मंच का सहभागी। खुद पे खुद से ज्यादा दूसरों की उम्मीदें टिकी होने से मुँह छिपाता फिरता हूँ कि अगर उम्मीद पे खरा ना उतर पाया तो सामने वाले निकम्मा कहेंगे। क्यों ना खुद को उनके सामने आने ही ना दिया जाए। मेरा सपना कि कब इस महानगरी मायाजाल को छोड़ अपने गाँव जाकर अपने सारे दायित्वों का निर्वाह करूँ। कब मेरे दालान पर होली का रंग और दीवाली के दिये जलें। और इस सपने के सच होने के लिए आप लोगों की शुभकामनाओं का प्रतीक्षारत।

Jeetendra Kumar Jha

B.Com(II) Delhi University

Village-Sijaul Madhubani,Bihar